वानिकी

राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता परियोजना फेज-2 जापान इन्टरनेशनल का-आपरेशन ऐजेन्सी JICA के वित्तीय सहयोग से राजस्थान राज्य के दस मरूस्थलीय जिले (सीकर, झून्झूनू, चूरू, जालौर, बाडमेर, जोधपुर, पाली, नागौर, जैसलमेर, बीकानेर,) एवं पांच गैर मरूस्थलीय जिले (बांसवाडा, डूंगरपुर, भीलवाडा, सिरोही, जयपुर) तथा सात वन्यजीव संरक्षित क्षेत्रों (कुम्भलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य, फुलवाडी की नाल वन्यजीव अभयारण्य, जयसमन्द वन्यजीव अभयारण्य, सीतामाता वन्यजीव अभयारण्य, बस्सी वन्यजीव अभयारण्य, केलादेवी वन्यजीव अभयारण्य, रावली टाडगढ़ वन्यजीव अभयारण्य) में क्रियान्वित की जा रही है। 8 वर्षीय यह परियोजना 2011-12 में प्रारम्भ की गई थी। इस परियोजना की कुल लागत 1152.53 करोड़ है ।

परियोजना के अन्तर्गत वनीकरण, कृषि वानिकी, मृद्रा एवं जल संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण, गरीबी उन्मूलन एवं आजीविका सवंर्द्धन कार्य परियोजना क्षेत्र के 650 गंव में सक्रिय जनभागीदारी द्वारा किये जायेगे। 
परियोजना कार्यो के क्रियान्वयन हेतु ‘‘राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता संरक्षण सोसायटी का गठन किया जाकर राजस्थान सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट,1958 के तहत दिनांक 8 मार्च, 2011 को रजिस्ट्रेशन कराया जा चुका है। 
 

Nodal Officer : Smt. Vinita Srivastava, ACP (Deputy Director)

Email : oic[dot]website[at]rajasthan[dot]gov[dot]in

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अद्यतन दिनांक: 03-08-2021

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प्रभारी अधिकारी : श्रीमती विनीता श्रीवास्तव, एसीपी (उप निदेशक)

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