COVID-19 Orders राजस्थान राज्य डाटा केंद्र

राजस्थान राज्य डाटा केंद्र - प्रक्रिया

आईएसओ 20000:2005 और आईएसओ 270001:2011 के अनुसार, राजस्थान स्टेट  डाटा सेंटर  में लागू अनिवार्य नियंत्रण प्रक्रियाओं में से कुछ इस प्रकार हैं:

परिवर्तन प्रबंधन प्रक्रिया

निम्न परिवर्तन प्रबंधन प्रक्रिया डाटा सेंटर में अपनायी जा रही है।

  • DCO द्वारा मैनपावर परिवर्तन

    DCO द्वारा जनशक्ति में लगातार परिवर्तन प्रतिबंधित करने के लिए जनशक्ति परिवर्तन पर भारी दंड लगाया जाता है और इसके लिए DCO को एक उचित प्रक्रिया द्वारा इसे RISL से अनुमोदित करवाना आवश्यक है
  • एप्लीकेशन / डाटाबेस के बैकअप, रिस्टोरेशन तथा परिवर्तन करने के लिए अनुरोध

    परियोजना ओआईसी द्वारा इस संबन्‍ध में परियोजना प्रबंधक RSDC / ओआईसी RSDC  को लि‍खि‍त अनुरोध अथवा स्वीकृति अग्रेषि‍त की जाती है तथा परिवर्तन की गंभीरता  को ध्यान में रखते  हुए अनुमोदित किया जा जाता है । सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदन के बाद परिवर्तन मेसर्स सीएमसी लिमिटेड की एफएमएस टीम द्वारा किये जाते हैं ।
  • सर्वर में परिवर्तन

    नियमित रूप से अपडेट्स, अपग्रेडस, और ओएस मे पैचेज, डेटाबेस और अन्य सिस्टम सॉफ्टवेयर तथा कॉन्फ़िगरेशन में परिवर्तन और एप्लीकेशन सर्वर पैरामीटर में बदलाव एफएमएस टीम का कर्तव्य है। इसके लि‍ए आवश्‍यक है कि टीम इन्हें उत्पादन एिरि‍या में लागू करने से पहले स्टेजिंग एरि‍या पर परीक्षण कर अनुमोदित करवाये । विस्तृत रिपोर्ट के साथ सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के पश्‍चात इन्‍हे प्रोडेक्‍श्‍न पर जारी कि‍या जाए।
  • नेटवर्क में परिवर्तन - किसी डिवाइस पर पोर्ट खोलने / बन्द करने , रूटिंग पॉलिसीज  में परिवर्तन, फ़ायरवॉल नीतियों और एफ़टीपी अधिकारों में परिवर्तन करने के लिए  सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति की आवश्यकता होती  है ।

कुछ अन्य परिवर्तन अनुरोध निम्न प्रकार है जिनके लिए भी परिवर्तन प्रबंधन की प्रक्रिया का पालन करना  आवश्यक हैं । इस तरह की सेवाओं की सांकेति‍क सूची निम्नानुसार हैं:

  • DNS प्रविष्टि के लिए अनुरोध
  • एसडीसी / डी आर साइट पर आवश्यकता के अनुसार वेबसाइट / एप्लीकेशन  /वेब पर डाटाबेस / एप्लीकेशन  / डेटाबेस सर्वर्स का गैर वर्चुअलाइज्ड वातावरण से वर्चुअलाइज्ड वातावरण में स्थानांतरण तथा इसके विपरीत
  • सर्वर्स की इंस्टॉलेशन / री-इंस्टॉलेशन और कॉन्फ़िगरेशन / री-कॉन्फ़िगरेशन के लिए अनुरोध
  • डाटाबेस की इंस्टॉलेशन / री-इंस्टॉलेशन और कॉन्फ़िगरेशन / री-कॉन्फ़िगरेशन के लिए अनुरोध
  • आरडीपी, टीम व्यूअर  के लिए उपकरणों / सर्वर्स  / डेटाबेस पर अधिकार प्रदान करने के लिए अनुरोध

भौतिक सुरक्षा और अभिगम नियंत्रण की प्रक्रिया

भौतिक अभिगम नियंत्रण नीति का उद्देश्य पर्याप्त भौतिक अभिगम नियंत्रण प्रक्रिया को लागू करते हुए  भौतिक रूप में स्टेट  डाटा सेंटर में उपलब्ध सूचना तथा भौतिक सम्पत्ति के नुकसान, चोरी व  क्षति को रोकना है ।

एसडीसी के लिए संभावि‍त प्रवेशी निम्न हैं:

  • केन्‍द्र व राज्‍य के अधि‍कारी तथा कर्मचारी
  • कम्‍पोसि‍ट टीम व एफएमएस टीम के सदस्‍य
  • एसडीसी उपकरण विक्रेतागण
  • अतिथि, व्यापार सहयोगी / अन्य

प्रत्येक  बार एसडीसी में किसी भी  व्यक्ति या सरकारी कर्मचारी को प्रवेश से पहले रिसेप्शन डेस्क पर उपलब्ध रजिस्टर में उसका / उसकी उपस्थिति दर्ज करना आवश्यक है ।

प्रवेश नियंत्रण कार्ड (.सी.सी )

एसडीसी में  नीति के अनुसार प्रवेश नियंत्रण कार्ड का प्रावधान है जिसके माध्यम से कोई  व्यक्ति एसडीसी में जा सकता है । एसडीसी में कुछ संवेदनशील क्षेत्र भी शामिल हैं जिनकी आवश्यकतानुसार सीमित उपयोग की अनुमति दी जाती है ।

RSDC के कर्मचारियो को केवल स्वागत द्वार और गैलरी क्षेत्र में इस कार्ड के माध्यम से प्रवेश दिया जाता है ।

एफएमएस टीम के कर्मचारियों को एनओसी क्षेत्र तक की अनुमति है और कुछ चयनित लोगों को उनकी विशेषज्ञता के अनुसार  प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने की  अनुमति है ।

कर्मचारियों/सिस्टम इंटीग्रेटर (एस.आई) और OEM के प्रतिनिधियों को उपचारात्मक और अन्य रखरखाव का काम करने  के लिए कुछ प्रतिबंधित क्षेत्रो  में जाने की अनुमति दिये जाने की  आवश्यकता होती है। इस तरह के कर्मचारियो के  पास परियोजना ओआईसी से मान्य पहचान प्रमाण और अधिकार पत्र होना जरूरी है । इसके आधार पर, ओआईसी RSDC  इस तरह के व्यक्ति के लिए इस शर्त के साथ एक अस्थायी प्रवेश पत्र जारी करता है । संबन्धित व्यक्ति के सामान को अच्छी तरह से सुरक्षा गार्ड द्वारा जाँच लिया जाता है और एसडीसी में आवश्यकता नहीं होने पर उसे एसडीसी से बाहर रखा जाता है। इसके अलावा महत्वपूर्ण और प्रतिबंधित क्षेत्रो में इस तरह के व्यक्ति का एफएमएस टीम के प्रतिनिधि द्वारा अनुरक्षण आवश्यक है ।

मेहमान और व्यापार सहयोगियों को भी ओआईसी RSDC द्वारा एक अस्थायी कार्ड जारी करने के बाद एफएमएस टीम द्वारा अनुरक्षण मे एसडीसी प्रवेश दि‍या जाता है ।

सभी तालों की चाबि‍यों का प्रबंधन, बैग की जाँच, डेटा सेंटर शिष्टाचार प्रबंधन भी भौतिक सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है ।

डाटाबेस और बैकअप / रिस्टोर प्रबंधन प्रक्रिया

डेटाबेस में परिवर्तन अनुरोध और बैकअप रिस्टोर जो कि पहले से ही परिवर्तन प्रबंधन की प्रक्रिया में शामिल है, के अलावा सभी डेटाबेस समूहों की  नियमित जांच, स्‍वास्‍थ्‍य निगरानी तथा अनुश्रवण लगातार कि‍या जाता है ।

बेहतर प्रबंधन के लिए, डेटाबेस स्कीमा, डिस्क स्थान आवंटन, इस्तेमाल किया भंडारण और उपयोगकर्ता की भूमिकाओं का रिकॉर्ड रखा जा रहा है । प्रदर्शन और संभावित समस्याओं की सक्रिय पहचान के लिए RSDC समय समय पर ठीक जानकारी प्रदान करने के लिए कॉन्फ़िगरेशन  की जांच करता है । RSDC योजनानुसार न्यूनतम डाउनटाइम के साथ आवश्यकता  और जरूरत पड़ने पर  डेटाबेस उपग्रडेशन और पैच कार्यान्वयन करवाता है और बैकअप और अभिलेखीय नीतियों  के अनुसार सभी डेटाबेस के लिए नियमित रूप से बैकअप लेता है और चेंज मैनेजमेंट प्रक्रिया के पालन में आवश्यकता होने पर रिकवरी करता है ।

विक्रेता प्रबंधन और सामग्री संचलन प्रक्रिया

डाटा सेंटर ऑपरेटर (DCO), SLA को पूरा करने के लिए  डेटा सेंटर में स्थापित  उपकरणों के रखरखाव के लिए सभी विक्रेताओं / OEMs के साथ समन्वय करता है (वारंटी के लिए / एएमसी / उपचारात्मक रखरखाव) और  विभिन्न सिस्टम  इंटीग्रेटर्स के साथ  उनके उपकरणों, सॉफ्टवेयर और सेवाओं के लिए संपर्क रखता है। इसके लिए  उपकरणों की संबंधित विक्रेता, उनके टोल फ्री नंबर, संपर्क नंबर, ईमेल पते, एस्कलेशन मैट्रिक्स, प्रतिक्रिया समय (response time), संकल्प समय (resolution time) और अन्य प्रासंगिक विवरण के साथ एक सूची बनायीं गई है। संबंधित विक्रेता के प्रतिनिधि ऊपर उल्लेख किये  भौतिक सुरक्षा और अभिगम नियंत्रण प्रक्रिया के अनुसार डाटा सेंटर में जा सकते हैं।

अद्यतन दिनांक: 28-08-2014

Nodal Officer : Sh. Vijay Prakash, (Jt. Director)

Email : oic[dot]website[at]rajasthan[dot]gov[dot]in

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अद्यतन दिनांक: 08-03-2021

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प्रभारी अधिकारी : श्री विजय प्रकाश, OIC (Website)

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